1. बूंदे बारिश की यूं जमीन पर आने लगीं,
सोंधी सी महक़ माटी की जगाने लगीं,
हवाओं में भी जैसे मस्ती छाने लगी,
वैसे ही हमें भी आपकी याद आने लगी
2. आज मेरी पूरी हुई ख़्वाहिश,
दिल ख़ुश करने वाली हुई बारिश.
3. बारिश के मौसम में किसान खुश होता है,
अगर उससे उसके खेतों की सिंचाई होती है,
भले बारिश से उसके घर की छत टपकती है.
5. सड़कों पर जमा पानी देखकर,
शहर की बारिश का पता चलता है,
जब गांव में बारिश होती है,
तब बाग़-बगीचों और खेतों में,
हरियाली ही हरियाली नज़र आती
6. ज़मीन जल चुकी है, आसमान बाकी है,
सूखे कुएं तुम्हारा इम्तहान बाकी है,
बादलों बरस जाना समय पर इस बार,
किसी का मकान गिरवी तो किसी का लगान बाकी है.
7. सुना है बहुत बारिश है तुम्हारे शहर में,
ज़्यादा भीगना मत,
अगर धुल गयी सारी ग़लत फ़हमियां,
तो बहुत याद आएंगे
8. उस जहां में ग़ुनाह की सज़ा कुछ और है,
बिन मौसम के बारिश का मज़ा कुछ और है.
9. समझ में नहीं आया बारिश की वो बूंद ख़ुश है या दुखी है,
जो देखने में बड़ी ख़ूबसूरत लगती है पर पत्तों पर रुकी है.
10. ऐ बारिश, तुझसे शुक्रिया इन कलियों ने कहा है,
एक तुझसे मिलने के लिए सूरज की गर्मी को सहा है.
11. रास्तों में सफ़र करने का मज़ा आ जाता है,
जब बारिश का सुहाना मौसम हो जाता है
12. तुझसे अब बात तक करने को तरस गए हैं हम,
बिन मौसम हुई बारिश की तरह बरस गए हैं हम.
13. अपने रास्ते को कभी भी अपनी मंज़िल मत समझिए,
सिर्फ़ इसलिए कि अभी तूफ़ान चल रहा है,
इसका मतलब ये नहीं कि आप रौशनी की तरफ़ नहीं बढ़ रहे हैं.
14. उन्हें हम किस तरह ग़ुलाब का फूल दें,
जिसके आने से पहले मानसून ही गुलाबी हो जाए.
बारिश पर शायरी – Shayari On Barish In Hindi
15. न जाने कहां गई वो हमारे बचपन की अमीरी,
वो समय था जब बरख़ा के पानी में,
हमारे भी जलपोत चला करते थे.
16. जब बरसात होती है बाहर बैठ लिया करो,
सोई हुई क़िस्मत खुल जाएगी.
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17. आज भीगी हैं पलकें किसी की याद में,
आसमां भी सिमट गया अपने आप में,
ऐसे गिरी है ओस की बूंदे ज़मीन पर,
मानो चांद भी रोया है उसकी याद में.
18. बरसात की बूंदे भले ही छोटी-छोटी हों,
मगर उनके निरंतर बरसने से बड़ी नदियां बन जाती हैं,
ठीक इसी तरह जीवन में छोटे-छोटे,
प्रयास बड़े परिवर्तन ला देते हैं.
19. सीज़न है बरसात का, याद आती है आपकी,
बारिश की हर बूंद में आवाज़ आती है तुम्हारी,
तेज पवन के चलने से जान हमारी जाती है,
मौसम है हत्यारा याद तुम्हारी आती है.
20. आज मौसम कितना ख़ुश गंवार हो गया,
ख़त्म सभी का इंतज़ार हो गया,
बारिश की बूंदें गिरी इस तरह से,
लगा जैसे आसमान को ज़मीन से प्यार हो गया.

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